क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगने वाला है ।

Rahul Gandhi
महाराष्ट्र को लेकर राजनीति क्यूं हो रही है 
भारत कोरोना वायरस से लड़ रहा है संक्रमित मामलों की संख्या लाख के पार हो चुकी है लेकिन कोंग्रेस पार्टी को इसमें भी राजनीति चमकाने की सूझ रही है । हाल ही में महाराष्ट्र को लेकर कांग्रेस पार्टी की नई राजनीति सामने आयी है , क्यूंकि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले पूरे देश में सबसे ज्यादा है और और महाराष्ट्र में कांग्रेस शिवसेना और टीएमसी तीनों की मिली जुली सरकार है । लेकिन राहुल गांधी ने एक विवादित बयान देकर कहा है कि महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए आंकड़ों के लिए कांग्रेस पार्टी को कोई जिम्मेदारी नहीं है ।
राहुल गांधी का कहना है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी निर्णय नहीं लेती है जबकि कांग्रेस पार्टी केवल एक सपोर्टिंग पार्टी की तरह महाराष्ट्र में काम कर रही है ।
लेकिन महाराष्ट्र की सियासत को देखते हुए लग रहा है कि ये तीनों पार्टी अपनी जिम्मेदारी से भाग रही हैं और लोगों की जान इनके लिए कुछ मायने नहीं रखती है। 
इसके बाद में बीजेपी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मां की है जिससे उद्धव ठाकरे की चिंता बढ़ गई है और तीनों पार्टियों ने एक बैठक की है जिसमें कोरोना वायरस पर राजनीति को लेकर चर्चा हुई है ।
राहुल गांधी हमेशा से ही केवल विरोध करने की राजनीति कर रहे हैं हाल ही में एक tweet करके राहुल गांधी ने भारत सरकार की Lockdown नीति को फेल बताया है और कहा है कि मोदी सरकार कोटना को रोकने में असफल रही है 
राहुल गांधी खुद अपनी ही बात पर कायम नहीं रहते हैं जब एश में लॉकडाउन हुआ तो उसका भी विरोध हुआ और अब थोड़ी ढील दी गई है तो उस पर भी सवाल खड़े कर रहें है सीधा सा मतलब ये है कि राहुल गांधी को केवल राजनीति करनी है ।
क्या भारत में lockdown असफल रहा ?


भारत में लॉकडाउन कितना सफल रहा ये जानने के लिए आपको दुनिया के अन्य देशों और भारत की तुलना करनी होगी तो आइए देखते हैं कि कहां क्या हालत है 
भारत में अभी करीब 145000 संक्रमित हैं जबकि भारत में मरने वालों की संख्या लगभग 4000 है वहीं दुनिया के और देश  जैसे अमेरिका में 17 लाख के करीब संक्रमित हैं जबकि मौत का आंकड़ा 1 लाख से ऊपर है ।
ब्राज़ील में में संक्रमण की संख्या करीब 4 लाख है रूस में भी करीब 4 लाख मामले सामने आ चुके हैं ।
इटली ने 33 हजार से ज्यादा मौत हो चुकी हैं और कितने ही देश हैं जिनमें कोरोना की मृत्यु दर बहुत अधिक है जबकि भारत में मृत्यु दर बहुत कम है ।
मृत्यु दर का मतलब यह है कि कुल कितने संक्रमित लोग हैं और उनमें से कितने लोगों की मौत हो चुकी है ।
भारत में अभी कोरोना से मृत्यु दर 2.87 है । लॉक डाउन होने से पहले रिकवर होने की दर 8 फीसदी के लगभग थी जो अब 41 फीसदी हो चुकी है जो की lockdown के कारण ही संभव हो पाया है । उसके बाद तमाम एक्सपर्ट का ये मानना है कि अगर भारत में लॉकडाउन नहीं लगाया जीता ती भारत में स्थिति आज बहुत ही भयानक होती और ये आंकड़ा 14 लाख से ऊपर होता ।
जिस भी देश ने लॉकडाउन करने में देरी की या फिर सख्ती से नहीं लगाया वहां की स्थिति देख लो लोग मर रहे हैं और संक्रमण बहुत तेजी से फैला है इसलिए राहुल गांधी का ये कहना कि 60 दिन का लॉकडाउन असफल रहा बिल्कुल गलत है ।

क्या महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगेगा ?


महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं इसलिए तो वहां पर राष्ट्रपति शासन नहीं लग सकता लेकिन अगर कोई राज्य सरकार केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों को अनदेखा करे और लोगों का भविष्य खतरे में हो साथ ही वो सरकार जिम्मेदारी से भागने लगे तो ऐसे ने वहां राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है 
आप और हम सब लोगो को एक बात समझनी होगी कि ये कोरोना एक महामारी है इसका अभी कोई इलाज नहीं है इसलिए राजनीति का शिकार होकर देश का माहौल ना खराब करें बल्कि ऐसे समय में देश और सरकारों का साथ दें ताकि कोरिना वायरस को हराया जा सके और इसके संक्रमण की कड़ी को तोड़ा जा सके ।
जय हिन्द जय भारत 
 नमस्कार ….

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