भारत की शिक्षा नीति में हुए बड़े बदलाव – new education policy of india

new education policy of india
image credit – zeenews
शिक्षा नीति में बदलाव को आज 29 जुलाई को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है और इसके बाद अब इस अध्यादेश को संसद में पेश किया जाएगा और इसके बाद ये एक कानून बन जाएगा और फिर पूरे देश में राज्य सरकारों को इसका पालन करना होगा । 

new education policy of india 

भारत की नई शिक्षा नीति 

आज 29 जुलाई को भारत की शिक्षा नीति में बहुत बड़े बदलाव हुए हैं प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शिक्षा नीति के बदलाव को मंजूरी दे दी है । इसी के साथ भारत के मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम भी बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है । आपको बता दें कि पिछले 34 सालों में शिक्षा नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है इसलिए शिक्षा नीति में बदलाव की जरुरत थी जिसको आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि भारत के लोग इसका स्वागत करेंगे ।
आपको ये भी पता होना चाहिए कि भारत की शिक्षा नीति में क्या क्या बदलाव हुए हैं और इसके बाद विद्यार्थियों के जीवन पर इसका क्या असर पड़ेगा । आइए नीचे दी गई रिपोर्ट से इस बात को समझते हैं ।

शिक्षा नीति में क्या क्या बदलाव हुए हैं 

शिक्षा नीति में सबसे बड़ा बदलाव ये है कि अब पढ़ाई का पैटर्न बदल दिया गया है यानी की अब पहली क्लास से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई में शिक्षा पद्धति बिल्कुल बदल चुकी है । पहले जो पद्धिती 10+2 थी उसको खतम कर दिया गया हुआ और 5+3+3+4 पद्दती को लागू कर दिया गया है ।
नई शिक्षा नीति के तहत 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई अब चार चरणों में विभाजित कर दी गई है । पहले 5 वर्ष में विद्यार्थी की प्राथमिक पढ़ाई और 1 व 2 क्लास शामिल होगी । उसके बाद के 3 वर्ष में कक्षा 3 से 5 की पढ़ाई होगी और फिर अगले 3 वर्ष में कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई होगी । अन्तिम 4 वर्षों में कक्षा 9 से 12 तक को पढ़ाई होगी ।
इसके बाद 3 से 4 साल की डिग्री होगी जिसमें विद्यार्थियों को बहुत फायदा होने वाला है , जैसे ही प्रथम वर्ष पूरा होने पर सर्टिफिकेट मिलेगा , द्वितीय वर्ष पूरा होने पर डिप्लोमा मिलेगा और तृतीय व चतुर्थ वर्ष पूरा होने पर डिग्री मिलेगी ।
नई शिक्षा नीति पद्धति में एमफिल को खतम कर दिया गया है और अब विद्यार्थी MA करने के बाद सीधा पीएचडी कर सकते हैं ।

new education privacy policy of India

शिक्षा नीति में बदलाव के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु 

10+2 पद्धति को बदलकर 5+3+3+4 पद्धति को लागू कर दिया गया है । नई शिक्षा नीति के तहत 5 वीं तक के छात्रों को मातृभाषा , स्थानीय भाषा और राष्ट्रीय भाषा में पढ़ाने पर जोर दिया जाएगा ।
कोलेज में 3 और 4 वर्ष का डिग्री प्रोग्राम होगा जिसमें पहले वर्ष में सर्टिफिकेट दूसरे वर्ष में डिप्लोमा तीसरे वर्ष में डिग्री मिलेगी  ।
यूनिवर्सिटीज और बड़े शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए कॉमन एंट्रेंस एग्जाम होंगे ।
नई शिक्षा नीति के तहत एमफिल कोर्सेज को ख़तम कर दिया गया है अब सीधा पीएचडी कर सकेंगे ।
जिन छात्रों को रिसर्च में जाना है उनको 4 वर्ष का डिग्री प्रोग्राम लेना होगा और जो छात्र नौकरी करना चाहते हैं उनको 3 वर्ष में डिग्री मिल जाएगी उसके बाद वो जॉब कर सकते हैं।
सभी प्रकार के सरकारी और निजी उच्च सिक्षण संस्थानों के लिए एक तरह के मानदंड होंगे ।
बोर्ड की परीक्षाएं विद्यार्थी के ज्ञान को परखने के लिए लिया जाएगा उसमे छात्र के ज्ञान को परखा जाएगा ना की उसकी रटने की क्षमता को ।
नई शिक्षा नीति के तहत संस्थानों में डिस्टेंस लार्निंग प्रोग्राम और e – learning को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा ऑनलाइन क्लासेज की अनुमति भी दी जाएगी ।
विद्यार्थी को कला और विज्ञान के बीच में कोई अलगाव नहीं होगा यानि कि दोनों तरह के छात्रों में समान तरह का ज्ञान विकसित किया जाएगा ।
नई नीतियों के तहत संस्कृत भाषा पर जोर दिया जाएगा ।
तो ये थे कुछ महत्वपूर्ण बिंदु जो भारत की नई शिक्षा नीति (new education privacy policy of india ) से जुड़े हुए हैं आगे जैसे ही कोई अपडेट आएगी हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे ।
  

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