Rajasthan- 12 साल के बच्चे ने किया 6 साल छोटी बहन का बलात्कार

Teen boy watching phone

यह खबर उन लाखों पेरेंट्स के लिए बड़ी चिंता पैदा करने वाली है, जिनके बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। कोरोना का सबसे ज्यादा बुरा असर बच्‍चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन एजुकेशन ही एक मात्र विकल्प बचा है। मोबाइल पर चल रहीं क्लासेस मददगार भी हैं, वहीं इनमें कई तरह का खतरा भी हैं।  रायसिंह नगर में चार दिन पहले एक गांव में 12 साल के लड़के ने 6 साल की अपनी बहन से रेप किया। पुलिस ने शुक्रवार को बच्चे को हिरासत में ले लिया।

 

पढ़ाई के बाद देखता अश्लील वीडियो

दरअसल, हैरान कर देने वाला यह मामला श्रीगंगानगर जिले का है, जहाँ रायसिंह नगर में रहने वाले बच्चे ने इस घटना को 4 दिन पहले अंजाम दिया है। घरवालों ने उसको फोन इसलिए दिया ताकि वो अपनी पढ़ाई कर सके लेकिन वह पढ़ाई के बाद अश्लील वीडियो देखने लगा। अब उसका में खेलने , बाहर जाने और दोस्तों से बात करने में नहीं लगता था बस मोबाइल देखता था ।

 

रात में देखता था पोर्न वीडियो

पढ़ाई के दौरान पोर्न देखने से उसके दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा और वो रात को जागकर घरवालों से छुपकर अश्लील वीडियो देखने लगा जिसका परिणाम यह हुआ है कि उसने इस छोटी से उम्र में अपनी ही 6 साल की बहन का रेप कर दिया।

 

ऐसे गंदी वीडियो का आदी बना बच्चा

पुलिस ने बच्चे को गिरफ्तार कर बाल सुधार केंद्र भेज दिया है। जाँच के दौरान सामने आया है कि आरोपित बच्चा 6ठी क्लास में पढ़ता है। वह पिछले एक साल से स्कूल नहीं जा रहा है। पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई करने के दौरान उसे पोर्न वीडियो की लिंक आई थी। जिसे उसने गलती से क्लिक कर दिया। इसके बाद वह इसे रोज देखने लगा और इस शर्मनाक घटना को अंजाम दे दिया।

 

माता-पिता रहें ऐसे सावाधान बच्चों पर पेरेंट्स कैसे निगरानी रखें –

ऐप्स के जरिए- मोबाइल फोन में अगर बच्चे पोर्न देख रहे हैं तो हिस्ट्री डिलीट करना भी जानते होंगे। ऐसे समय पर आपकी मदद कुछ खास ऐप्स कर सकते हैं। ध्यान रहे इन ऐप्स का इस्तेमाल तब तक ना करें, जब तक आपको पूरी तरह से यकीन ना हो जाए कि आपका बच्चा कुछ गलत देख रहा है। Covenant Eyes, Kids Place – Parental Control, Abeona – Parental Control & Device Monitor जैसे ऐप्स हैं जो ऐसा करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

 

कुकीज के जरिए- क्रोम ब्राउजर में जाकर सेटिंग में जाएं। इसमें स्क्रॉल करके नीचे जाएं और Site Setting ऑप्शन पर टैप करें। यहां जाकर कुकीज (Cookies) ऑप्शन ऑन कर दें। इसके बाद सर्च हिस्ट्री डिलीट होने पर भी आपको पता चल जाएगा कि फोन में कैसी साइट्स देखी गई हैं। कुकीज यूजर द्वारा विजिट की गई साइट्स, एक्टिविटी और किसी वेबसाइट पर स्पेंड किए गए समय की इंफॉर्मेशन सेव रखती हैं। फिर आप देख सकते हैं कि आपके बच्चे ने किस-किस तरह की साइट्स देखी।

 

सबसे जरूरी बात ये कि अपने बच्चों को फोन कम ही दो और जितनी देर बच्चा पढ़ाई के लिए फोन यूज करे हो सके तो उन पर नजर रखी जाए क्यूंकि ये फोन और इंटरनेट अगर यूजफुल है तो घातक भी है ।।