असलियत ऐसा दिखता था टीपू सुल्तान जबकि फिल्मों और सीरियल में कुछ और ही झूठ दिखाया जाता है – history of tipu sultan

Tipu sultan real photo
Tipu sultan real photo

टीपू सुल्तान ने अपनी तलवार पर लिखा रखा था कि मैं तब तक नहीं रुकूँगा जब तक दुनिया से सारे काफिरों को खत्म न कर दूँ , दुनिया मे केवल इस्लाम रहेगा जो इस्लाम कबूल नहीं करेगा मेरी तलवार उनका विनाश करेगी

 

टीपू सुल्तान को इतिहास और पाठ्यक्रम की पुस्तकों मे एक धरमनिरपेक्ष शासक के तौर पर प्रस्तुत किया जाता है , टीपू सुल्तान के बारे मे कहा जाता है की उसने अंग्रेजों अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी जिसके लिए टीपू सुल्तान को देशभक्त तक भी कहा जाता है लेकिन सच्चाई जो है उसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता और सच्चाई क्या है अब आप आगे पढ़िये

 

असलियत मे ऐसा दिखता था टीपू सुल्तान

Tipu Sultan Real photo

tipu sultan real photo
          टीपू सुल्तान का असली फोटो

जिस टीपू सुल्तान को दुनिया के सामने एक वहादुर और देशभक्त योद्धा के रूप मे दिखाया गया लेकिन असलियत मे टीपू सुल्तान बहुत ही भद्दा और बुरी शक्ल का था  असली फोटो आपके सामने है खुद ही देख लो यह फोटो लंदन के एक म्यूजियम मे रखी हुई है , आज तक इतिहासकारों ने टीपू सुल्तान का झूठा चित्र हमे दिखाया जबकि  लेकिन पता नहीं हमे क्यूँ गलत इतिहास पढ़ाया जाता है ,

फिल्मों और सीरियल मे मुग़ल आक्रांताओं को बहुत महिमामंडित किया जाता है , आखिर इतिहास को गलत तरीके से दिखाकर ये फिल्म इंडस्ट्री वाले क्या चाहते हैं इससे अच्छा तो इनकी फिल्मे देखना बंद करो और ऐसे लोगों का बहिष्कार करो

 

टीपू सुल्तान की सच्चाई

  • भारत में अन्य इस्लामी आक्रमणकारियों की तरह, टीपू सुल्तान को स्थानीय हिंदू आबादी को क्रूरतापूर्वक दबाने और कई हिंदुओं को जबरन धर्मांतरित करने के लिए जाना जाता था। तमिलनाडु और मालाबार में, टीपू को ‘ब्राह्मणों का हत्यारा और मंदिरों का विध्वंसक’ कहा गया टीपू सुल्तान कहता था कि यदि सारी दुनिया भी मुझे मिल जाए, तब भी मैं हिन्दू मंदिरों को नष्ट करने से नहीं रुकूंगा

 

  • टीपू सुल्तान दक्षिण भारत का सबसे क्रूर आक्रामण कारी था , उसने हिंदुओं की नृशंस हत्याएँ करवाई थी महिलाओं के बलात्कार और लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन करवाय था टीपू सुल्तान के राज मे बहुत सारे हिन्दू मंदिरों को ध्वस्त किया गया था

कालीकट मे हिंदुओं का नरसंहार किया

  • कई यूरोपीय इतिहासकारों ने भी हिंदुओं पर टीपू की क्रूरता के बारे मे लिखा है । कालीकट में, कई पुरुषों और महिलाओं को पेड़ों पर गर्दन से बंधे पाया गया, यहां तक ​​कि छोटे बच्चों की गर्दन भी सड़कों के किनारे उनकी माताओं से बंधी हुई थी। अक्सर हिंदुओं और ईसाइयों को जानवरों के रूप में देखते हुए, टीपू ने नग्न ईसाई और हिंदुओं को हाथियों के पैरों में बांध दिया और हाथी को चारों ओर घुमा दिया। टीपू ने  हाथियों को तब तक आगे बढ़ाना जारी रखा जब तक कि असहाय हिंदुओं और ईसाइयों को हाथियों ने अपने पैरों से टुकड़े-टुकड़े नहीं कर  गया।

 

14 दिसंबर 1788 को कालीकट में सेना के एक कमांडर को टीपू ने पत्र लिखा –

“मैं अपने दो अनुयायी मीर हुसैन अली के साथ भेज रहा हूँ  सभी हिंदुओं को पकड़ों और मार दो जिनकी उम्र 20 साल से कम है उनको जेल मे कैद कर दो बाकी के 5000 को पेड़ की चोटी से लटकाकर मार उनको फांसी दे दो । ये मेरे आदेश हैं। ”कोझीकोड तब ब्राह्मणों का केंद्र था और वहां 7,000 से अधिक ब्राह्मण परिवार रहते थे। टीपू सुल्तान की इस्लामिक क्रूरताओं के परिणामस्वरूप 2,000 से अधिक ब्राह्मण परिवार समाप्त हो गए। उसने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा .. ”

टीपू की तलवार पर क्या लिखा था

टीपू सुल्तान ने खुद को इस्लामी पैगंबर मोहम्मद का प्रत्यक्ष वंशज होने का दावा किया, और यहां तक ​​कि अपनी तलवार पर लिख रखा था कि , “मेरा तलवार उन लोगों का विनाश करेगी जो इस्लाम स्वीकार नहीं करेंगे ” (स्रोत: सिल, नरसिंह। (2013)। इतिहास संशोधन में टीपू सुल्तान)

1788 में, टीपू ने कथित तौर पर अपने कालीकट के गवर्नर शेर खान को स्थानीय हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित करने का आदेश दिया था। निशान-ए-हैदरी के अनुसार, जुलाई 1788 तक 200 ब्राह्मणों को गौ-मांस का सेवन करने के लिए मजबूर किया गया था। (स्रोत: सिल, नरसिंह 2013)

टीपू सुल्तान का शासनकाल तब समाप्त हुआ जब मैसूर को एंग्लो-मैसूर युद्धों में हराया गया, जब मराठों और अंग्रेजों ने टीपू सुल्तान के क्रूर शासन को खत्म कर दिया।

fact check of tipu sultans photo

दरअसल भारतीय मीडिया मे भी दलालों कि कमी नहीं है जो पैसे के लिए किसी को भी महान बता सकते हैं अगर आप टीपू सुल्तान के बारे मे गूगल पर सर्च करेंगे को तो आपको सबसे ऊपर वही परिणाम देखने को मिलेंगे जिनमे टीपू सुल्तान कि महिमा का गुणगान किया गया है

Tipu Sultan Real photo टीपू सुल्तान कि जो रियल फोटो और हिन्दू विरोधी सोच है उसको लेकर दलाल मीडिया वाले फ़ेक्ट्स चेक करते हैं बाद मे बताया जाता है कि टीपू सुल्तान देशभक्त था और जो फोटो viral हो रही है वो असली फोटो नहीं है क्यूंकी इस काम के लिए इनको द्लाली मिलती है लेकिन कुछ राष्ट्रवादी लोग जो सच्चाई लिखते हैं उनको कोई पढ़ता भी नहीं है और इस तरह हम गलत धारणाओं मे जी रहे हैं , हमारे देश कि आने वाली पीढ़ी सच्चाई से वंचित हो रही है , अगर आप यहाँ तक पढ़ चुके हैं तो इस खबर को अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ जरूर share करें जय हिन्द जय श्री राम

 

 

 

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