अफगान शरणार्थियों का दिल्ली में प्रदर्शन – “हमें रिफ्यूजी कार्ड दो, बसाओ व नौकरी का अधिकार भी”

अफगानी शरणार्थियों ने कहा कि उनके पास अब अपने मुल्क लौटने का कोई कारण ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अफगान शरणार्थियों के पास नौकरी व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं हैं।

 

अफगान शरणार्थियों का दिल्ली में प्रदर्शन

अफगानिस्तान (Afghanistan) पर 20 साल बाद फिर से तालिबान (Taliban) का शासन शुरू हो गया है. तालिबान का कब्जा होते ही लोग वहां से किसी भी कीमत पर निकलने की कोशिश में जुट गए हैं. हजारों लोगों को वहां से अब तक निकाला भी जा चुका है. इस बीच दिल्ली में रह रहे अफगान शरणार्थियों (Afghan Refugees) ने प्रदर्शन किया. ये प्रदर्शन दिल्ली में स्थित यूनाइटेड नेशंस हाई कमिश्नर फॉर रिफ्यूजीस (UNHCR) के दफ्तर के बाहर किया गया.

 

खबरों के मुताबिक भारत में अफगानी शरणार्थियों के प्रमुख अहमद जिया गनी ने बताया कि देश में फ़िलहाल 21,000 अफगान शरणार्थी हैं। उन्होंने कहा कि इन सबके पास अब अपने मुल्क लौटने का कोई कारण ही नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अफगान शरणार्थियों के पास नौकरी व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं हैं। उन्होंने ‘लॉन्ग टर्म वीजा’ की भी माँग की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत आने वाले अफगानियों को ई-वीजा दिया जाएगा।

 

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद कई अफगान नागरिकों को अपने जान का खतरा है और वो मुल्क छोड़ कर भाग रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत सरकार यहाँ आने की आने की इच्छा रखने वालों को आपात स्थिति के तहत वीजा दे सकती है, जो पहले 6 महीने के लिए वैध रहेगा। ऑनलाइन याचिकाओं पर नई दिल्ली में विचार किया जाएगा। हालाँकि, भारत ने यूएन रिफ्यूजी कन्वेंशन पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

 

प्रदर्शनकारी किसी दूसरे देश में जाने का रिफ्यूजी कार्ड बनाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि UNHCR उन्हें किसी और देश का रिफ्यूजी कार्ड बनाकर दे, ताकि वो दूसरे देशों में जाकर रह सकें.