प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लाल किला भाषण की मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लाल किला भाषण की मुख्य बातें सबसे पहले शहीदों को याद किया

15 अगस्त 2021, पर नरेन्द्र मोदी का भाषण लाल किला से – 75वें स्‍वतंत्रता दिवस पर आप सभी को और विश्‍वभर में भारत को प्रेम करने वाले, लोकतंत्र को प्रेम करने वाले सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं, देश पूज्‍य बापू, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चन्‍द्रशेखर आजाद, बिस्मिल और अशफाक उल्ला खान जैसे महान क्रांतिवीर, झांसी की रानी लक्ष्‍मीबाई, कित्तूर की रानी चेन्नम्मा, असम में मातंगिनी हाजरा, देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू जी, सरदार वल्‍लभ भाई पटेल, बाबा साहब आम्‍बेडकर आदि सभी महापुरुषों का ऋणी है।

 

इंडिया एट 75

देश की आजादी के 75 वर्ष- ये अमृत काल है। इस अमृत काल में हमारे संकल्‍पों की सिद्धि, हमें आजादी के सौ वर्ष तक ले जाएगी। अमृत काल का लक्ष्‍य है एक ऐसे भारत का निर्माण जहां दुनिया का हर आधुनिकinfrastructure हो।

 

ओलंपिक खिलाड़ियों का हौंसला बढ़ाया 

ओलंपिक में भारत की युवा पीढ़ी ने भारत का नाम रोशन किया है। ऐसे हमारे एथलीट्स, हमारे खिलाड़ी आज हमारे बीच में है। एथलीट्स ने हमारा दिल ही नहीं जीता है, बल्कि भारत की युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का बहुत बड़ा काम किया है।

 

विभाजन विभीषिका स्‍मृति दिवस

अब से हर वर्ष 14 अगस्‍त को विभाजन विभीषिका स्‍मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा। आजादी के 75वें स्‍वतंत्रता दिवस पर विभा‍जन विभीषिका स्‍मृति दिवस का तय होना, विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों को हर भारतवासी की तरफ से आदरपूर्वक श्रद्धांजलि है।

 

सबका विकास

पहले की तुलना में हम बहुत तेजी से बहुत आगे बढ़े हैं। लेकिन हमें सैचरेशन (saturation) तक जाना है, पूर्णता: तक जाना है। शत-प्रतिशत गांवों में सड़के हों, शत-प्रतिशत परिवारों के बैंक अकाउंट हो, शत-प्रतिशत लाभार्थियों को आयुष्‍मान भारत का कार्ड हो, शत-प्रतिशत पात्र व्‍यक्‍तियों को उज्ज्वला योजना और गैस कनेक्‍शन हों।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लाल किला भाषण की मुख्य बातें योजनाओं का किया जिक्र 

 स्‍वनिधि योजना -पटरी और फुटपाथ पर बैठकर सामान बेचने वाले, ठेला चलाने वाले साथियों को स्‍वनिधि योजना के जरिए बैंकिंग व्‍यवस्‍था से जोड़ा जा रहा है।

जल जीवन मिशन -मुझे खुशी है कि जल जीवन मिशन के सिर्फ दो वर्ष में साढ़े चार करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल मिलना शुरू हो गया है।

कुपोषण की समस्‍या – गरीब बच्‍चों में कुपोषण और जरूरी पौष्टिक पदार्थो की कमी को देखते हुए ये तय किया गया है कि सरकार अपनी अलग-अलग योजनाओं के तहत जो चावल गरीबों को देती है, उसे fortify करेगी।

 

आरक्षण की नई व्‍यवस्‍था के बारे मे भी चर्चा की 

दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, सामान्‍य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। अभी हाल ही में मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में, ऑल इंडिया कोटे में ओबीसी वर्ग को आरक्षण की व्‍यवस्‍था भी की गई है। संसद में कानून बनाकर ओबीसी से जुड़ी सूची बनाने का अधिकार राज्‍यों को दे दिया गया है।

 

 

ग्रामीण भारत

आज हम अपने गांवों को तेजी से परिवर्तित होते देख रहे हैं। बीते कुछ वर्ष, गांवों तक सड़क और बिजली जैसी सुविधाओं को पहुंचाने रहे हैं। अब गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क, डेटा की ताकत पहुंच रही है, इंटरनेट पहुंच रहा है। गांव में भी डिजिटल Entrepreneur तैयार हो रहे हैं

 

वोकल फॉर लोकल 

सरकार E-Commerce Platform तैयार करेगी। आज जब देशवोकल फॉर लोकलके मंत्र के साथ आगे बढ़ा रहा है तो यह Digital Platform महिला selfhelp group के उत्‍पादों को देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में और विदेशों में भी लोगों से जोड़ेगा और उनका फलक बहुत विस्‍तृत होगा।

 

कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिकों की क्षमता

देश के हर क्षेत्र में हमारे देश के वैज्ञानिक बहुत सूझ-बूझ से काम कर रहे हैं। हमें अपने कृषि क्षेत्र में भी वैज्ञानिकों की क्षमताओं और उनके सुझावों को शामिल करना होगा। इससे देश को खाद्य सुरक्षा देने के साथ फल, सब्जियां और अनाज का उत्‍पादन बढ़ाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी और हम विश्‍व तक पहुंचने के लिए अपने आप को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

 

प्रधानमंत्री ने किसानों के बारे मे क्या कहा

छोटा किसान बने देश की शान, ये हमारा सपना है। आने वाले वर्षों में हमें देश के छोटे किसानों की सामूहिक शक्ति को और बढ़ाना होगा। उन्हें नई सुविधाएं देनी होंगी,  देश के 80 प्रतिशत से ज्यादा किसान ऐसे हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर से भी कम जमीन है। पहले जो देश में नीतियां बनीं, उनमें इन छोटे किसानों पर जितना ध्यान केंद्रित करना था, वो रह गया। अब इन्हीं छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जा रहे हैं।

किसान रेल आज देश के 70 से ज्‍यादा रेल रूटों पर, किसान रेल चल रही है। छोटे किसान, किसान-रेल के जरिए अपने उत्‍पाद ट्रांसपोर्टेशन के कम खर्च पर, दूर-दराज के इलाकों में पहुंचा सकते हैं।

स्‍वामित्‍व योजना 

गांवों में जमीनों के कागज पर कई-कई पीढ़ियों से कोई काम नहीं हुआ है। खुद जमीन के मालिक होने के बावजूद जमीन पर उनको बैंकों से कोई कर्ज नहीं मिलता है। इस स्‍थिति को बदलने का काम आज स्‍वामित्‍व योजना कर रही है। गांव-गांव में हर एक घर की, हर जमीन की, ड्रोन के जरिए मैपिंग हो रही है। इससे ना सिर्फ गांवों में जमीन से जुड़े विवाद समाप्‍त हो रहे हैं बल्‍कि गांव के लोगों को बैंक से आसानी से लोन की व्‍यवस्‍था भी कायम हुई है।

 

राष्‍ट्रीय संकल्‍प – देश ने संकल्प लिया है कि आजादी के अमृत महोत्सव के 75 सप्ताह में 75 वंदेभारत ट्रेनें देश के हर कोने को आपस में जोड़ रही होंगी। आज जिस गति से देश में नए Airports का निर्माण हो रहा है, उड़ान योजना दूर-दराज के इलाकों को जोड़ रही है, वो भी अभूतपूर्व है।

 

मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट –विकास के पथ पर आगे बढ़ते हुए भारत को अपनी मैन्यूफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट, दोनों को बढ़ाना होगा। आपने देखा है, अभी कुछ दिन पहले ही भारत ने अपने पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत को समुद्र में ट्रायल के लिए उतारा है, भारत आज अपना लड़ाकू विमान बना रहा है, सबमरीन बना रहा है, गगनयान भी बना रहा है।

 

नई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति

आज देश के पास 21वीं सदी की जरूरतों को पूरा करने वाली नई ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ भी है। जब गरीब के बेटी, गरीब का बेटा मातृभाषा में पढ़कर प्रोफेशनल्स बनेंगे तो उनके सामर्थ्य के साथ न्याय होगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को गरीबी के खिलाफ लड़ाई का मैं साधन मानता हूं, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की एक और विशेष बात है। इसमें स्पोर्ट्स को Extracurricular की जगह मेनस्ट्रीम पढ़ाई का हिस्सा बनाया गया है। जीवन को आगे बढ़ाने में जो भी प्रभावी माध्यम हैं, उनमें एक स्पोर्ट्स भी है।

 

 

बालिकाओं के लिए सैनिक स्‍कूल

आज मैं एक खुशी देशवासियों से साझा कर रहा हूँ। दो-ढाई साल पहले मिजोरम के सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को प्रवेश देने का प्रयोग किया गया था। अब सरकार ने तय किया है कि देश के सभी सैनिक स्कूलों को देश की बेटियों के लिए भी खोल दिया जाएगा।

ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र  –भारत आज जो भी कार्य कर रहा है, उसमें सबसे बड़ा लक्ष्य है, जो भारत को क्वांटम जंप देने वाला है- वो है ग्रीन हाइड्रोजन का क्षेत्र। मैं आज तिरंगे की साक्षी में National Hydrogen Mission की घोषणा कर रहा हूं।

 

धारा 370 का भी जिक्र 

Article 370 को बदलने का ऐतिहासिक फैसलाहो, देश को टैक्स के जाल से मुक्ति दिलाने वाली व्यवस्था- GST हो, हमारे फौजी साथियों के लिए वन रैंक वन पेंशन हो, या फिर रामजन्मभूमि केस का शांतिपूर्ण समाधान, ये सब हमने बीते कुछ वर्षों में सच होते देखा है, त्रिपुरा में दशकों बाद ब्रू रियांग समझौता होना हो, ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देना हो, या फिर जम्मू-कश्मीर में आजादी के बाद पहली बार हुए BDC और DDC चुनाव, भारत अपनी संकल्पशक्ति लगातार सिद्ध कर रहा है।

 

आतंकवाद और विस्तारवाद की चुनौतियां– आज दुनिया, भारत को एक नई दृष्टि से देख रही है और इस दृष्टि के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। एक आतंकवाद और दूसरा विस्तारवाद। भारत इन दोनों ही चुनौतियों से लड़ रहा है और सधे हुए तरीके से बड़े हिम्मत के साथ जवाब भी दे रहा है

 

विजन 2047

मुझे विश्‍वास है कि जब 2047, आजादी का स्‍वर्णिम उत्‍सव, उस समय जो भी भी प्रधानमंत्री होंगे, वे अपने भाषण में जिन सिद्धियों का वर्णन करेंगे वो सिद्धियां वही होंगीं जो आज देश संकल्‍प कर रहा है… ये मेरा विश्‍वास है।

21वीं सदी में भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने से कोई भी बाधा रोक नहीं सकती। हमारी ताकत हमारी एकजुटता है। हमारी प्राणशक्ति, राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम की भावना है।

ये थी आज के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लाल किला भाषण की मुख्य बातें

सौ॰  pib

 

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