फेक सिक्स पैक एब्स दिखाकर लोगों को मूर्ख बनाया जाता है , देख लो

फेक सिक्स पैक एब्स  अगर आपको पता चले कि सलमान के जिन सिक्स-पैक ऐब्स के करोड़ों लोग दीवाने हैं, वे असल में नकली हैं, तो झटका लगना तो स्वाभाविक ही है। लेकिन, किया भी क्या जा सकता है, क्योंकि सच तो यही है। इस बात का खुलासा फिल्मों के लिए विजुअल इफेक्ट तैयार करने वाली कंपनी टाटा एलेक्सी से निकाले गए एक इंप्लॉई ने किया। उसने यूट्यूब पर एक विडियो अपलोड कर दिया, जिसमें दिखाया गया है कि किस तरह सलमान की फ्लैट टमी को फेक सिक्स पैक एब्स का शेप दिया जाता है।

 

ग्राफिक्स का उपयोग किया गया

दरअसल, जब सलमान को पता चला कि फिल्म ‘एक था टाइगर’ में डायरेक्टर कबीर खान ने उनके शर्टलेस सीन को ही एडिट कर दिया है, तो उन्होंने फिल्म के प्रड्यूसर को फोन करके उनसे कहा कि अगर फिल्म में उनका शर्टलेस सीन नहीं होगा तो उनके फैन निराश होंगे। इस वजह से ब्रैंड सलमान की इमेज को भी धक्का लगेगा। यही वजह रही कि उस सीन में सलमान की फ्लैट टमी को सिक्स-पैक में बदलने के लिए कंप्यूटर ग्राफिक्स का यूज किया गया। और यह काम करने का जिम्मा टाटा एलेक्सी को मिला था।

 

इस विडियो के लीक होने से अब बॉलिवुड के दूसरे हीरोज की ऑनस्क्रीन फिटनेस पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पहले इस तरह की तकनीक का यूज केवल हॉलिवुड में होता था, लेकिन अब बॉलिवुड में भी इसका काफी स्कोप है।

 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कई ऐक्टर फिल्म की स्क्रिप्ट सुने बिना ही फिल्म साइन कर देते हैं। उन्हें बस अपने ऐक्शन सीन से मतलब होता है। चाहे ‘रा. वन’ में शाहरुख की कॉस्ट्यूम और ऐक्शन सीन हों, ‘कभी अलविदा न कहना’ में रानी मुखर्जी के चेहरे से रैशेज हटाने हों, ‘बैंड बाजा बारात’ में अनुष्का शर्मा के चेहरे से पिंपल हटाना हो या फिर ‘सिंघम रिटर्न्स’ में दौड़ते हुए अजय देवगन के पीछे सूरज को दिखाना हो, यह सबकुछ विजुअल इफेक्ट्स और कंप्यूटर ग्राफिक्स का ही कमाल है।

 

 

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