Devendra fadnavis vs Nawab Malik देवेंद्र फडणवीस का बड़ा खुलासा, दिए नवाब मलिक और दाऊद इब्राहिम के कनेक्शन के सबूत

फडणवीस ने पूछा कि नवाब मलिक बताएं कि जब सौदे के वक्त (2005) में वह मंत्री थे तो सौदा कैसे हुआ। मुंबई के गुनाहगारों से जमीन क्यों खरीदी? पूर्व CM ने आगे कहा कि इन दोषियों पर उस वक्त TADA लगा था।

 

Devendra fadnavis vs Nawab Malik महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज (मंगलवार को) मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने नवाब मलिक और दाऊद इब्राहिम के बीच कनेक्शन का खुलासा किया. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा खुलासा कर रहा हूं. सलीम पटेल दाऊद इब्राहिम का सहयोगी है. अंडरवर्ल्ड से जमीन खरीदी गई.

 

देवेंद्र फडणवीस ने आज क्या खुलासा किया

ज़ी न्यूज़ की मानें तो उन्होंने कहा कि नवाब मलिक के अंडरवर्ल्ड के लोगों से संबंध हैं. दाउद इब्राहिम 1993 बम धमाके का दोषी है. सरदार शाह वली खान और हसीना पारकर के करीबी सलीम पटेल के साथ नवाब मलिक के व्यवसायिक संबंध हैं. इन दोनों ने नवाब मलिक के रिश्तेदार की एक कंपनी को करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम में बेची. नवाब मलिक भी इस कंपनी से कुछ समय के लिए जुड़े हुए थे. कुर्ला के एलबीएस रोड पर 3 एकड़ जमीन सिर्फ 20-30 लाख में बेची गई जबकि मार्केट रेट 3.50 करोड़ से ज्यादा था.

फडणवीस ने कहा कि सरदार शाह वली को 1993 ब्लास्ट मामले में आजीवन कारावास हुआ. वो अभी जेल में है. बॉम्बे बम धमाके की इसे जानकारी थी. गाड़ियों के अंदर विस्फोटक भरने वाले लोगों में ये शामिल था.

 

Devendra fadnavis vs Nawab Malik

दैनिक भास्कर के मुताबिक पूर्व CM बोले, ‘हसीना पारकर जब 2007 में अरेस्ट हुई तो सलीम पटेल भी अरेस्ट हुआ था। रिकॉर्ड से पता चला कि दाऊद के फरार होने के बाद हसीना के नाम से संपत्तियां जमा होती थीं. इसमें सलीम का अहम रोल था। संपत्तियों की पावर अटॉर्नी इसके नाम से ली जाती थी. ये सलीम पटेल हसीना के सारे बिजनेस (जमीन कब्जे) का प्रमुख था।’