शास्त्री जी की मौत का असली कारण क्या था क्या ताशकंद में नेताजी और शास्त्री जी की मुलाकात हुई थी

सुभाष चन्द्र बोस नेताजी और शास्त्री जी ताशकंद
नेताजी सुभाष और शास्त्री जी ताशकंद

शास्त्री जी की मौत कैसे हुई थी

लाल बहादुर शास्त्री जी की मौत कैसे हुई थी, शास्त्री जी की मौत का असली कारण क्या था, क्या सच में शास्त्री जी को हार्ट अटैक हुआ था, ताशकंद समझौता क्या है, नेताजी और शास्त्री जी का ताशकंद कनेक्शन क्या है आज इस रिपोर्ट में पढ़िए 
लाल बहादुर शास्त्री भारत के ऐसे प्रधानमंत्री जिनकी मौत पद पर रहते हुए विदेश में हुई थी उस समय शास्त्री जी ताशकंद गए हुए थे लेकिन जब वो अगले दिन भारत आने वाले थे तो उससे एक रात पहले ही उनकी रहस्यमय तरीके से मौत हो गई आज तक किसी को ये नहीं पता कि शास्त्री जी की मौत का असली कारण क्या है क्या शास्त्री जी और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मुलाकात ताशकंद में हुई थी ।
शास्त्री जी की मृत्यु 11 जनवरी 1966 में हुई थी अपने कार्यकाल में शास्त्री जी पाकिस्तान को युद्ध में धूल चटाई और नेहरू के मुकाबले युद्ध में देश की सेना का अच्छा नेतृत्व किया इससे पहले भारत 1962 के युद्ध में चीन से हार गया था लेकिन उसके बाद 1965 में पाकिस्तान से युद्ध हुआ था जिसके कारण शास्त्री जी को अंतरराष्टरीय दबाव में रूस जाना पड़ा था ।
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ताशकंद समझौता क्या है 

ताशकंद समझौता सोवियत रूस में हुआ था इस समझौते में भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों को अच्छा करने के लिए सहमति बनी हुई थी साथ ही दोनों देशों की सेना को अपनी अपनी पूर्व स्थिति में लौटने के लिए हस्ताक्षर हुए क्यूंकि इससे पहले 1965 में दोनों देशों में युद्ध हुआ था जिससे आपसी संबंध खराब हो चुके थे और सीमा पर तानव बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ था इसलिए युद्ध विराम करके समझौता करने के लिए शास्त्री जी और पाकिस्तान के पीएम अयूब खान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर हुए लेकिन जो जमीन युद्ध में पाकिस्तान से जीती थी उसको लौटाने से शास्त्री जी ने इंकार कर दिया था इसके कुछ घंटों बाद ही शास्त्री जी की मौत रहस्यमय तरीके से हो गई थी ।


शास्त्री जी की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था और आश्चर्य की बात ये है कि एक प्रधानमंत्री की मौत इतने रहस्यमय तरीके से होने के बाद भी कोई जांच कमेटी नहीं बिठाई गई ना ही कोई दस्तावेज इस बारे में आज तक देश को बताए गए थे ये भी जानने की कोशिश नहीं की गई कि उनको किसी षड्यंत्र के तहत मारा गया था या सच में उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी शास्त्री जी की मौत के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी ।
सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि शास्त्री जी का पोस्टमार्टम क्यूं नहीं करवाया गया था जबकि शास्त्री जी की बॉडी पूरी तरह से सुजी हुई थी और काली पड़ चुकी थी लेकिन उस समय कोंग्रेस पार्टी का कहना था कि पोस्टमार्टम तब कराए जब किसी प्रकार का संदेह हो अर्थात इनको शास्त्री जी को मौत पर कोई संदेह भी नहीं था जबकि केजीपी ने उस समय शास्त्री जी को दूध देने वाले रसोइया जान मोहम्मद को गिरफ्तार किया था इसलिए की उसने शास्त्री जी को उसने जहर देकर मारा था लेकिन भारत में नेताओं ने इसकी जांच तक नहीं करवाई 
शास्त्री जी की मौत के बाद भारत में जी हुआ वो शायद शास्त्री जी के रहते संभव नहीं हो पाता इसलिए उनको मरवा दिया गया था क्यूंकि उनकी मौत के बाद भारत में लोकतंत्र की हत्या हुई थी और भारत के संविधान में सोशलिज्म शब्द जोड़कर संविधान की धज्जियां उड़ाई गई थी ।

कोंग्रेस पार्टी का क्या कहना था 

2009 में कांग्रेस सरकार ने शास्त्री जी की मौत के बारे में ये कहा था कि उनके निजी डॉक्टर और रूस के कुछ डॉक्टरों ने मिलकर उनकी मौत की जांच की थी लेकिन इसके बारे में सरकार के पाद कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है 
दक्षिण ऐशिया पर सीआईए की नजर पुस्तक के लेखन अनुज धर ने सरकार से सवाल पूछा था तो 2009 में कांग्रेस सरकार ने ये जवाब दिया कि शास्त्री जी की मौत से परदा उठा तो देश में माहौल खराब होगा और हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध खराब होंगे इसलिए जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता 

शास्त्री जी की मौत का नेताजी कनेक्शन

जब 2014 में देश में भाजपा की सरकार बनी तो एक ब्रिटिश विशेषज्ञ ने अलग ही चौंकाने वाला दावा किया उन्होंने एक फोटो के बारे में कहा कि इसमें सुभाष चन्द्र बोस और शास्त्री जी साथ में हैं , विशेषज्ञ का कहना था कि उसने चेहरा पहचानने वाली तकनीकी face mapping technology का उपयोग करके इसका पता लगाया है , नेताजी के अन्य फोटो और उस फोटो का मिलान करके ये दावा किया गया था इसके बाद देश में उस मुद्दे पर एक नई बहस होने लगी ।
शास्त्री जी के पौत्र ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने ये कहा था कि भारत आकर वो एक बहुत बड़ा खुलासा करने वाले हैं और उससे पहले रात में ही उनकी मृत्यु हो गई ये अपने आप में बहुत सवाल खड़े करता है कि कहीं शास्त्री जी और नेताजी की मुलाकात तो नहीं हुई जिसके बारे में वो भारत आकर कुछ कहना चाहते थे जिससे नेताजी की मौत से भी पर्दा उठ जाता और ये भी पता चल जाता कि नेताजी किस दवाब में भारत छोड़कर गए थे क्या भारत की लीडरशिप की कोई साजिश थी जिससे पर्दा उठने से कुछ लोग बेनकाब हो जाते और उन्होने शास्त्री जी की मौत का खेल रचा था ।
शास्त्री जी भारत के प्रधानमंत्री थे और उनकी रहस्यमय तरीके से मौत हो जाने के बाद कोंग्रेस पार्टी कहती है कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला है इसलिए जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते अरे भाई ये बताइए ना कि प्रधानमंत्री जी की मौत ही गई इससे बड़ी असुरक्षा की बात और क्या होगी ? क्या कोंग्रेस पार्टी देश से कुछ छुपा रही थी इसकी जांच जरूर होनी चाहिए आप सभी से निवेदन है इस लेख को पढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करें और शास्त्री जी की मौत का सच जानने के लिए आवाज उठाएं ।

the Tashkent files ताशकंद फाइल्स मूवी

mitrokhin archive नाम की एक पुस्तक में भारत के नाम से एक अध्याय है जिसके बारे में एक डॉक्यूमंट्री भी बन चुकी है उसमे शास्त्री जी की मौत के बारे में बहुत कुछ बताए गया है इस पुस्तक में ये दावा किया गया है कि उस समय भारत की लीडर शिप बिकाऊ थी और कई बड़े नेताओं जैसे इंदिरा गांधी का नाम भी उसने साफ किया गया है, शास्त्री जी की मौत के बाद इंदिरा गांधी पीएम बनी थी ।

ताशकंद फाइल्स मूवी रिव्यू

ताशकंद फाइल्स नाम से एक मूवी 2019 में रिलीज़ हुई थी इसके निर्देशक विवेक अग्निहोत्री हैं इस फिल्म में शास्त्री जी की मौत का सच जानने और कुछ रहस्यों से पर्दा उठाने की बहुत हद तक कोशिश की गई है कुछ लोगों का कहना था कि इस फिल्म को कोंग्रेस पार्टी की छवि कराब करने के लिए बनाया गया था लेकिन फिल्म में जो भी दिखाया गया है वो वाकई में बहुत सोचने पर मजबूर कर देता है गूगल पर इस फिल्म को 95 प्रतिशत लोगों ने इसे पसंद किया है अगर बॉक्स ऑफिस की बात करें तो यह एक सुपर हित फिल्म साबित हुई थी करीब 4 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने 20 करोड़ की कमाई की थी ओवर आल फिल्म बहुत अच्छी है आपको एक बार जरूर देखनी चाहिए ।

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